Madhurashtakam

SKU: M2016
₹180.0
Publisher: Chinmaya Prakashan
ISBN: 978-81-7597-724-2
Language: Hindi
Author: Swami Tejomayananda
Binding: Paperback
Tags:
  • Bhakti,Love, Hindu Culture,Hinduism

Description of product

'मधुराष्टकम' महाप्रभु श्री वल्ल्भाचार्य जी द्वारा रचित अत्न्यन्त लोकप्रिय एव आनन्द देने वाला स्तोत्र है. इसे में भगवान श्रीकृष्ण का जो प्रेम है,आकर्षण है, माधुर्य है वह हमें अपनी और खीचता है. यह अत्न्यन्त मधुर रचना है.

'मधुराधिपते अखिलें मधुरम' भगवान मधुरता के स्वामी है, इसलिए उनका सब कुछ मधुर है.जगत में जो भी दृश्य, रूप, स्पर्श, रस, गंध, विचार या भावना है और उसमें जो सौन्दर्य है, आकर्षण है,आनन्द है वह सब परमात्मा का है, वस्तु का नहीं।

जब हम भगवान के सुन्दर रूप का, उनका क्रियाओं का, लीलाओ का, प्रेम का चिन्तन करते है तो हमारा हृदय मधुरता से भर जाता है. इसके फलस्वरुप हमारा जीवन भी मधुर, सुखमय और आनन्दमय हो जाता है 

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