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शौनक नामक जिज्ञासु अपने गुरु से पूछता है, "वह कौन सा ज्ञान है, जिसके जानने से सबकुछ जाना हुआ हो जाता है?"

इस गंभीर प्रश्न के उत्तर के रूप में यह उपनिषद् है|

स्वामी चिन्मयानन्दजी अपनी व्याख्या द्वारा विषय कि प्रज्ञता एवं गहनता को सरलता से प्रकट कर देते हैं|

M2005
in stock INR 100
Chinmaya Prakashan
1 1

Mundakopanishad (हिंदी)

SKU: M2005
₹100
Publisher: Chinmaya Prakashan
ISBN: 978-81-7597-336-7
Language: Hindi
Author: Swami Chinmayananda
Binding: Paperback
Tags:
  • Spiritiality, Spiritual Knowledge, Philosophy, Awakening

Description of product

शौनक नामक जिज्ञासु अपने गुरु से पूछता है, "वह कौन सा ज्ञान है, जिसके जानने से सबकुछ जाना हुआ हो जाता है?"

इस गंभीर प्रश्न के उत्तर के रूप में यह उपनिषद् है|

स्वामी चिन्मयानन्दजी अपनी व्याख्या द्वारा विषय कि प्रज्ञता एवं गहनता को सरलता से प्रकट कर देते हैं|

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