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विश्व एक अपार गतिक्रम से गतिमान है | आज हम इतने अधिक प्रतिस्पर्धा के युग में जी रहे है, जिसेमें हमें कुछ करके दिखाना होगा अन्यथा हम नष्ट हो जायेंगे | तनाव, अधिक श्रमजन्य थकान और व्यथा तो जैसे हमारे दैनिक जीवन का अनिवार्य अंग बन चुके है | हर जगह संकट दिखाई देता है | क्या आपको आश्चर्य नहीं होता कि इस उत्थान-पतन से युक्त सम्पूर्ण ब्रहाण्ड पर शासन करते हुए भी भगवान कैसे अपनी मुस्कान बनाये रखते हैं | लोगों पर कृपा करते हैं और उन्हे निरोग करते हैं ?

"नाम प्राचीन : अर्थ नवीन" पूज्य गुरूजी स्वामी तेजोमयानंद के द्वारा "विष्णुसहत्रनाम" पर दिये गये प्रवचनों का संकलन है | इस स्तोत्र में प्रत्येक नाम भगवान के अद्भुत गुणों की और इंगित करता है ओर अनेक नाम उनके नेतृत्व और सफलता की स्तुति गाते हैं | इन नामों के ऊपर मनन, हमारी दॄष्टि को विस्तार प्रदान करने में सहायक बनेगा और हमें उच्च आदर्शों का जीवन जीने के लिये प्रेरित भी करेगा।

N2004
in stock INR 70
Chinmaya Prakashan
1 1

Naam Prachin - Artha Navin (हिंदी)

SKU: N2004
₹70
Publisher: Chinmaya Prakashan
ISBN: 978-81-7597-756-3
Language: Hindi
Author: Swami Tejomayananda
Binding: Paperback
Tags:
  • Spirituality, Spiritual Knowledge, Philosophy, Awakening

Description of product

विश्व एक अपार गतिक्रम से गतिमान है | आज हम इतने अधिक प्रतिस्पर्धा के युग में जी रहे है, जिसेमें हमें कुछ करके दिखाना होगा अन्यथा हम नष्ट हो जायेंगे | तनाव, अधिक श्रमजन्य थकान और व्यथा तो जैसे हमारे दैनिक जीवन का अनिवार्य अंग बन चुके है | हर जगह संकट दिखाई देता है | क्या आपको आश्चर्य नहीं होता कि इस उत्थान-पतन से युक्त सम्पूर्ण ब्रहाण्ड पर शासन करते हुए भी भगवान कैसे अपनी मुस्कान बनाये रखते हैं | लोगों पर कृपा करते हैं और उन्हे निरोग करते हैं ?

"नाम प्राचीन : अर्थ नवीन" पूज्य गुरूजी स्वामी तेजोमयानंद के द्वारा "विष्णुसहत्रनाम" पर दिये गये प्रवचनों का संकलन है | इस स्तोत्र में प्रत्येक नाम भगवान के अद्भुत गुणों की और इंगित करता है ओर अनेक नाम उनके नेतृत्व और सफलता की स्तुति गाते हैं | इन नामों के ऊपर मनन, हमारी दॄष्टि को विस्तार प्रदान करने में सहायक बनेगा और हमें उच्च आदर्शों का जीवन जीने के लिये प्रेरित भी करेगा।

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